नई दिल्ली | 1 फरवरी 2026
केंद्र सरकार ने आज संसद में Union Budget 2026-27 पेश किया। इस बजट में सरकार ने टैक्स बदलाव से ज्यादा रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ और छोटे कारोबार पर ध्यान दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस बार बजट का मकसद नारे नहीं, बल्कि ज़मीन पर असर दिखाना है।
सरकार ने देश के विकास को रफ्तार देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत खर्च तय किया है। इससे सड़क, रेल, एयरपोर्ट और बिजली से जुड़े प्रोजेक्ट तेज होंगे और युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे।
MSME और छोटे व्यापारियों को राहत
बजट में छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे छोटे व्यापारियों को पूंजी मिलेगी और टियर-2 व टियर-3 शहरों में कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।
हेल्थ और फार्मा सेक्टर पर खास जोर
हेल्थ सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार ने BIOPHARMA SHAKTI योजना के तहत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य दवाइयों के उत्पादन, रिसर्च और रोजगार को बढ़ाना है। इससे इलाज सस्ता होने की उम्मीद जताई जा रही है।
टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर मिशन
देश में चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए India Semiconductor Mission 2.0 की घोषणा की गई है। इससे भारत की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी और इंजीनियरिंग सेक्टर में नए अवसर बनेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
बजट में नए फ्रेट कॉरिडोर, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है। सरकार का दावा है कि इससे सामान की ढुलाई सस्ती होगी और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
युवाओं और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान
सरकार ने शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया है। AI, स्किल ट्रेनिंग, हेल्थ वर्कफोर्स और क्रिएटिव सेक्टर में युवाओं के लिए नए मौके बनाए जाएंगे।
टैक्स व्यवस्था में बदलाव
सरकार ने बताया कि नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसका उद्देश्य टैक्स नियमों को सरल बनाना और ईमानदार करदाताओं को राहत देना है। हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।
📌 कुल मिलाकर
Budget 2026 को सरकार ने रोजगार केंद्रित और विकास आधारित बताया है। इसमें आम आदमी, युवा, किसान और छोटे कारोबारियों को ध्यान में रखकर योजनाएं पेश की गई हैं।
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