भारत में सिरदर्द, कमर दर्द, घुटनों का दर्द या शरीर दर्द होने पर लोग अक्सर Painkiller tablet को आदत बना लेते हैं। लेकिन डॉक्टरों की मानें तो रोज या बार-बार Painkiller लेना सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है

Health experts के अनुसार, लंबे समय तक Painkiller का सेवन करने से Kidney, Liver और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।


🔴 Painkiller क्या है और लोग क्यों लेते हैं?

Painkiller ऐसी दवाएं होती हैं जो:

  • दर्द को अस्थायी रूप से दबा देती हैं

  • सूजन और जलन कम करती हैं

लेकिन ये दवाएं दर्द का कारण ठीक नहीं करतीं, सिर्फ दर्द को छुपाती हैं।


⚠️ रोज Painkiller लेने से होने वाले गंभीर नुकसान

डॉक्टरों के अनुसार, लगातार Painkiller लेने से:

🩺 1️⃣ Kidney पर असर

  • Kidney की filtering क्षमता घट जाती है

  • पेशाब में जलन या कमी

  • गंभीर मामलों में Kidney failure तक हो सकता है

🧠 2️⃣ Liver damage

  • Liver enzymes बढ़ सकते हैं

  • Fatty liver और hepatitis का खतरा

  • ज्यादा डोज से liver failure भी संभव

🥵 3️⃣ पेट और आंतों की समस्या

  • Acidity और gas

  • Stomach ulcer

  • अंदरूनी bleeding का खतरा

❤️ 4️⃣ Heart और BP पर असर

  • Blood pressure बढ़ सकता है

  • Heart attack और stroke का risk


🧑‍⚕️ डॉक्टरों की चेतावनी

डॉक्टरों का कहना है कि:

“Painkiller को रोज़मर्रा की गोली समझना सबसे बड़ी गलती है। यह दवा डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक नहीं लेनी चाहिए।”


❌ लोग सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?

  • हर दर्द में Painkiller लेना

  • Pharmacy से खुद खरीदकर खाना

  • Dose बढ़ा लेना

  • लंबे समय तक बिना जांच दवा लेना

📌 इससे दर्द तो दब जाता है, लेकिन बीमारी अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है


✅ सुरक्षित तरीका क्या है?

अगर दर्द बार-बार हो रहा है तो:

✔️ Pain का कारण जानना जरूरी
✔️ Physiotherapy / Exercise पर ध्यान दें
✔️ गर्म पानी, rest और lifestyle सुधार
✔️ डॉक्टर से जांच करवाएं
✔️ Painkiller सिर्फ short term के लिए लें


🟢 कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं?

  • दर्द 3–4 दिन से ज्यादा रहे

  • सूजन या सुन्नपन हो

  • बुखार के साथ दर्द

  • पेशाब में जलन या खून


🔔 Health Alert (Important)

Painkiller तुरंत आराम देती है, लेकिन लंबे समय में शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है
इसलिए दर्द को दबाने के बजाय दर्द का सही इलाज कराना ही समझदारी है

By Rajnesh Kushwaha

Dr. Rajnesh Kushwaha PT (Chief Editor) Qualified Health Professional, Health Educator & Legal Analyst – The Pharmacist डॉ रजनीश एक योग्य हेल्थ प्रोफेशनल, हेल्थ एजुकेटर एवं मुख्य संपादक हैं, जो The Pharmacist से जुड़े हुए हैं। उन्होंने BPT, MPT (Ortho),D. Pharm, DNYS, MD (AM) तथा विधि स्नातक (LLB) जैसी अकादमिक एवं व्यावसायिक योग्यताएँ प्राप्त की हैं। ऑर्थोपेडिक पुनर्वास, न्यूरोलॉजी, रूमेटोलॉजी, मेडिसिन सेफ्टी तथा हेल्थकेयर कानून एवं नियमों के क्षेत्रों में उनके बहुविषयक अनुभव के आधार पर उनका कार्य मुख्य रूप से जनस्वास्थ्य जागरूकता, दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग, रोगी सुरक्षा तथा फिजियोथेरेपी आधारित रोकथाम पर केंद्रित है। वे साक्ष्य-आधारित शैक्षणिक लेखन के माध्यम से आम लोगों, फार्मेसी स्टूडेंट्स और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को मेडिकल रिपोर्ट, सामान्य लक्षण, दवाओं के सही उपयोग, तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा से जुड़े कानूनी प्रावधानों को सरल और व्यावहारिक भाषा में समझाने का प्रयास करते हैं। उनका उद्देश्य चिकित्सा, फिजियोथेरेपी और कानून के समन्वय से सही जानकारी को आम जनता तक पहुँचाना, गलतफहमियों को दूर करना तथा सुरक्षित और जिम्मेदार स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना है। 🔹 Areas of Expertise Orthopaedic Rehabilitation Neurology & Rheumatology Physiotherapy & Allied Health Practice Medicine Safety & Rational Drug Use Healthcare Regulations & Medical Law Public Health Awareness & Patient Safety ⚖️ Disclaimer यह सभी सामग्री केवल शैक्षणिक एवं जनजागरूकता उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी प्रकार से पेशेवर चिकित्सा या कानूनी परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य या कानूनी निर्णय से पूर्व योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

Optimized by Optimole