फार्मासिस्टों के कौशल और पेशेवर विकास के लिए रिफ्रेशर कोर्स की बड़ी मंजूरी ।
चंडीगढ़ , द फार्मासिस्ट । मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा स्टेट फ़ार्मेसी काउंसिल कार्यालय, पंचकुला में कार्यकारी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन बी. बी. सिंगल ने की। बैठक में वाइस चेयरमैन टीपू पौड़ियाँ, कार्यकारी समिति के सदस्य अनिल परमार, रविंद्र चौपड़ा, सुरेंद्र सालवन, कोषाध्यक्ष अरुण पराशर और रजिस्ट्रार अंकिता अधिकारी HCS उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पदेन सदस्य के रूप में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से सहायक राज्य औषधि नियंत्रक राकेश दहिया भी मौजूद रहे।
बैठक में फार्मासिस्ट पंजीकरण से संबंधित लंबित आवेदनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पंजीकरण प्रक्रिया को तेज़ और सरल बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया कि जिन आवेदकों ने बारहवीं कक्षा हरियाणा के सरकारी board से उत्तीर्ण की है, उनके पंजीकरण में बारहवीं कक्षा के प्रमाण-पत्र सत्यापन के कारण से देरी नहीं होगी ।
यह निर्णय पारदर्शी, सरल और त्वरित प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो मुख्यमंत्री हरियाणा नायब सैनी की उस सोच के अनुरूप है जिसमें युवाओं को अनावश्यक प्रक्रियात्मक बाधाओं से मुक्त कर समयबद्ध अवसर उपलब्ध कराने पर बल दिया गया है।
साथ ही बैठक में रिफ्रेशर कोर्स / continues फ़ार्मेसी एजुकेशन कार्यक्रमों पर विशेष चर्चा की गई। चेयरमैन बी. बी. सिंगल ने प्रदेश में फ़ार्मेसी शिक्षा और पेशे के स्तर को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से पंजीकृत फार्मासिस्टों के लिए नियमित रूप से रिफ्रेशर कोर्स आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री नायब सैनी की कौशल-विकास, पेशेवर दक्षता और जन-स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने वाली नीति के अनुरूप है।
कार्यकारी समिति ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृत किया। इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु रिफ्रेशर कोर्स कार्यक्रमों के संचालन के लिए उप-समिति का गठन किया गया, जिसमें अनिल परमार को चेयरमैन नियुक्त किया गया। उनके सहयोग हेतु वाइस चेयरमैन टीपू पौड़ियाँ और सदस्य सुरेंद्र सालवन को उप-समिति में शामिल किया गया, ताकि प्रदेश में फ़ार्मेसी पेशे के उन्नयन हेतु यह कार्यक्रम सुचारु, प्रभावी और व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके।
